चिन्मया विद्यालय बना बोकारो में नंबर 1, झारखंड में नंबर 6, और भारत में नंबर 101 – एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग में

    चिन्मया

    बोकारो स्थित चिन्मया विद्यालय ने एजुकेशन वर्ल्ड स्कूल रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 101वां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही विद्यालय ने बोकारो जिले में पहला और झारखंड राज्य में छठा स्थान हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।

    एजुकेशन वर्ल्ड द्वारा देशभर के 3,043 विद्यालयों के सर्वेक्षण के बाद यह रैंकिंग जारी की गई है। इसमें चिन्मया विद्यालय, बोकारो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत नैतिक मूल्यों, अनुशासन, कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणामों तथा विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर यह प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।

    इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल है। शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक सभी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परम पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी के आशीर्वाद को दिया है।

    गौरतलब है कि चिन्मया विद्यालय, बोकारो को झारखंड–बिहार क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली के लिए NABET (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) से मान्यता प्राप्त है। यह झारखंड का पहला और एकमात्र विद्यालय है जिसे यह प्रतिष्ठित मान्यता मिली है। इसी कारण देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी प्रतिवर्ष यहाँ शिक्षा ग्रहण करने और अपने भविष्य को संवारने के लिए आते हैं।

    विद्यालय में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, नैतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

    इस अवसर पर चिन्मया मिशन, बोकारो की आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती, विद्यालय के अध्यक्ष श्री बिस्वरूप मुखोपाध्याय, सचिव श्री महेश त्रिपाठी, प्राचार्य श्री सूरज शर्मा तथा उप-प्राचार्य श्री नरेंद्र कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

    उन्होंने कहा कि चिन्मया विद्यालय केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत संस्कार ही नहीं दे रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता पैदा कर रहा है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा पर्यावरण सुरक्षा, संतुलन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

    यह उपलब्धि न केवल चिन्मया विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे बोकारो जिले और झारखंड राज्य के लिए गर्व का विषय है।