विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 के अवसर पर RINPAS और साइकोग्राफिक सोसाइटी रांची द्वारा आयोजित झारखण्ड इंटर-स्कूल डिक्लेमेशन कॉन्टेस्ट 2025

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 के अवसर पर RINPAS और साइकोग्राफिक सोसाइटी, रांची द्वारा आयोजित झारखण्ड इंटर-स्कूल डिक्लेमेशन कॉन्टेस्ट 2025 में 28 विद्यालयों के छात्रों ने “स्वस्थ मन, स्वस्थ जीवन” विषय पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम ने छात्रों में आत्मविश्वास, संवेदना और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का विषय था “स्वस्थ मन, स्वस्थ जीवन”, जिसके अंतर्गत छात्रों ने भावनात्मक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और आत्मसंयम पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
🌿 उद्देश्य और दृष्टि
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य था —
• छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
• अभिव्यक्ति और सहानुभूति का खुला वातावरण तैयार करना।
• शिक्षा और मनोरोग विज्ञान के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।
• यह संदेश देना कि मानसिक स्वास्थ्य और अकादमिक सफलता एक-दूसरे के पूरक हैं।
🎓 मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. वी. के. चौधरी, निदेशक, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइकाइट्री (CIP), रांची द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. चौधरी ने कहा —
“मानसिक स्वास्थ्य कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। छात्रों को अपनी भावनाएँ समझने और व्यक्त करने का अवसर देना एक स्वस्थ समाज की नींव है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. अमूल रंजन सिंह, निदेशक, RINPAS, ने सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य में संस्थान की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा —
“जब मानसिक स्वास्थ्य कक्षा की चर्चा का हिस्सा बन जाता है, तब हम एक ऐसी पीढ़ी तैयार करते हैं जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील और सक्षम होती है।”
💡 साइकोग्राफिक सोसाइटी का योगदान
कार्यक्रम की रूपरेखा और समन्वयन साइकोग्राफिक सोसाइटी द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व श्री विकास कुमार, निदेशक, साइकोग्राफिक सोसाइटी, रांची ने किया।
अपने संबोधन में श्री कुमार ने कहा —
“साइकोग्राफिक सोसाइटी का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि छात्रों को मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।”
उन्होंने सभी भाग लेने वाले विद्यालयों, शिक्षकों और RINPAS के संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🌟 प्रेरक सत्र — श्री प्रसून झा (AIR 1, IIT-JEE 1993)
कार्यक्रम में श्री प्रसून झा, ऑल इंडिया रैंक 1, IIT-JEE 1993, ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
“शैक्षणिक सफलता अस्थायी है, लेकिन मानसिक शक्ति स्थायी। एक संतुलित मन सफलता और असफलता दोनों को सहजता से स्वीकार करना सिखाता है,” उन्होंने कहा।
🏆 प्रतियोगिता की प्रमुख झलकियाँ
झारखण्ड के 28 प्रमुख विद्यालयों ने इस डिक्लेमेशन कॉन्टेस्ट में भाग लिया। छात्रों ने अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों भाषाओं में मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभावशाली भाषण दिए।
🗣️ अंग्रेज़ी डिक्लेमेशन विजेता:
🥇 पंधुरी मिश्रा — दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची
🥈 वैभवी श्रीवास्तव — डी.ए.वी., हजारीबाग
🥉 मिनाज इकबाल — सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा
🗣️ हिंदी डिक्लेमेशन विजेता:
🥇 हर्ष राजवर्धन — शारदा ग्लोबल स्कूल, रांची
🥈 श्रद्धा नारायण — सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा
🥉 अनुष्का शर्मा — दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो
सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई।
🏅 प्रत्येक प्रतिभागी का सम्मान
कार्यक्रम की सबसे प्रेरक पहल यह रही कि प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया गया।
यह कदम प्रतिस्पर्धा से अधिक अभिव्यक्ति और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा।
“प्रत्येक बच्चे की सराहना आत्मविश्वास बढ़ाती है। आज बोलने वाले हर छात्र ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी झिझक को तोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है,” — श्री विकास कुमार ने कहा।
🏫 प्रतिभागी विद्यालय
आचार्यकुलम
अनीता इंटरमीडिएट कॉलेज, कांके
कलकत्ता पब्लिक स्कूल
केम्ब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके
चिन्मया विद्यालय, बोकारो
सी.एम. स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस (गर्ल्स), बरियातू
डी.ए.वी. बरियातू
डी.ए.वी. हजारीबाग
डी.ए.वी. हेहल
डी.ए.वी. कपिलदेव
डी.ए.वी. निरजा सहाय
डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-4
दयानंद पब्लिक स्कूल, पुंडाग
दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो
दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची
दिल्ली पब्लिक स्कूल, चास
जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली
कैराली स्कूल
लेडी के.सी. रॉय मेमोरियल स्कूल
लोरेटो कॉन्वेंट
मनन विद्या पब्लिक स्कूल
शारदा ग्लोबल स्कूल
साउथ पॉइंट, बुंडू
एस.आर. डी.ए.वी., पुंडाग
श्री अग्रसेन स्कूल
सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा
विद्या विकास पब्लिक स्कूल
सुरेन्द्रनाथ सेंचुरी स्कूल
👥 आयोजन टीम
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मशरूर जहाँ, डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा, डॉ. अभिनव कुमार और श्री राहुल शर्मा (RINPAS) द्वारा किया गया।
विद्यालयों के साथ समन्वय का कार्य साइकोग्राफिक सोसाइटी टीम ने संभाला।
🌈 निष्कर्ष
झारखण्ड इंटर-स्कूल डिक्लेमेशन कॉन्टेस्ट 2025 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जागरूकता, संवेदना और अभिव्यक्ति का आंदोलन था।
RINPAS और साइकोग्राफिक सोसाइटी, रांची के सामूहिक प्रयासों ने यह संदेश दिया कि —
“मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा — प्रगति के दो अभिन्न स्तंभ हैं।”
“स्वस्थ मन, स्वस्थ जीवन — आइए मिलकर बनाएं मानसिक रूप से सशक्त झारखण्ड।”






